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Saturday, December 06, 2014

मोदीलाई नेपालले रेड कारपेट ट्रीटमेंट दिने हो

English: Image of Narendra Modi at the World E...
English: Image of Narendra Modi at the World Economic Forum in India (Photo credit: Wikipedia)
मोदी जनकपुर आउन चाहन्छन् भने जनकपुर र चार अरु ठाउँ घुमाउने हो। मोदीले जनकपुरको बारह बिघा मैदानमा आम जनतालाई सम्बोधन गर्ने इच्छा प्रकट गर्छन भने त्यो त गर्ने गर्ने टुंडीखेलमा पनि सभाको आयोजना गर्ने। विश्वको नंबर एक सबैभन्दा exciting पॉलिटिशियन बन्न पुगेका मोदीलाई त्यस किसिमको रेड कारपेट ट्रीटमेंट दिने जुन कि मोदीले गुजरातमा FDI (Foreign Direct Investment) लाई दिएका थिए। आफुले देश विकास गर्न नसक्ने नेपालका नालायक नेताहरुले मोदीको बाटोमा रोड़ा नअड्काउने।

Modi is country's first pro-business PM; economic growth may cross 10%: Prem Watsa, Fairfax CEO
India's manufacturing, services growth outpaced China in November: HSBC
India can build $10 trillion economy by 2034: PwC
Narendra Modi's popularity sees invites waiting from all over the world
US President Barack Obama praises PM Modi for shaking India's 'bureaucratic inertia'
Obama administration to focus next 2 yrs on India-US trade ties: US official
Busy second half in 2015, China pushes for a visit by Narendra Modi in first half of February
India Is The Fastest Growing Startup Ecosystem In The World: NASSCOM


Monday, November 24, 2014

मोदीने एक मिनट में लिया निर्णय

English: Narendra Modi in Press Conference
English: Narendra Modi in Press Conference (Photo credit: Wikipedia)
मोदी संसारके सबसे व्यस्त व्यक्ति हैं। उनकी एक खुबी है - quick decision making की। वो decisive हैं। जनकपुर और लुम्बिनी जाने की बात उन्होने सारे देशके सामने कहा था, भड़ी संसद में, सारी दुनियाके सामने। उनको और उनके टीम को तभी ही मालुम था कि भारतके किन राज्योंमें कब चुनाव है। बिहार में और उत्तर प्रदेश में जहाँ कि अभी मोदीकी पार्टीकी राज्य सरकार नहीं है, और अगर उनकी पार्टी इन राज्योंमें सरकार बना लेती है तो भारतके upper house में उनको बहुमत मिल जाएगी और वो और स्पीड में काम कर सकेंगे। इस बात से वो वाफिक हैं। जनकपुर और लुम्बिनी भ्रमणसे उनको बिहार और उत्तर प्रदेश में फायदा था।

ये कहना कि व्यस्ततावश उन्होने जनकपुर और लुम्बिनी भ्रमण कैंसिल कर दिया --- ये कूटनीतिक भाषाको न समझना है। वो कैंसिल करने का निर्णय उन्होने एक मिनट में लिया, क्यों कि उनके पास उस के लिए उससे ज्यादा समय है ही नहीं। और एक बार निर्णय कर लेने के बाद फिर से उस निर्णयको revisit करने का समय उनके पास नहीं है।

मोदीने एक मिनट में लिया निर्णय। उनको जनकपुरमें आम जनताको सम्बोधन करना था। तीव्र इच्छा थी। प्रोग्राम schedule पर एक निगाह दिया। देखा आम सभा सम्बोधन प्रोग्राम में है ही नहीं। तो उन्होने जनकपुर जानेका प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। खिसा खतम।

जनकपुर नगरीके इतिहासमें टीकमगढ़की महारानीने अपने गलेका नौ लाखका हार उतार कर जो दे दिया और जानकी मन्दिर बनी, वो बेमिसाल है। लेकिन मोदी उससे भी आगे जाने वाले थे। ५०० करोड़का पैकेज तैयार था। जनकपुर नगरीका कायापलट होना था। टीकमगढ़की महारानीसे भी तीन कदम आगे चल्ने वाले थे मोदी।

उस सब पर वामदेवने और काठमाण्डु के शासक वर्गने पानी फेर दिया। कितना गहरा है उन लोगो का घृणा! खुद तो कुछ करते नहीं हैं, मधेसीका पैसा ले जाते हैं लेकिन मधेसीको बजट में जगह नहीं देते हैं। और मोदी जैसे लोग उपहार ले कर आते हैं तो उसमें भी रोड़ा डाल देते हैं। वामदेवको माँ जानकीका श्राप लगेगी। वो तो सीधा नरक जायेगा बन्दा।

मोदी grassroots से उपर आए लोग हैं। उनको ये समझने में ज्यादा कठिनाइ नहीं होगी। ब्रिटिश साम्राज्यसे भारत तो मुक्त हो गया लेकिन मधेश अभी तक उस श्राप से मुक्त नहीं हो पाया है।


मोदी के प्रति मधेश के जनता में एक क्रेज है
Rakesh Sood
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उल्लु स्वाँठ वामदेव
केपी ओली प्रधान मंत्री बन्न शारीरिक रुपले असक्षम, वामदेव मानसिक रुपले
बारह बिघा मैदान टुडिखेल भन्दा बारह गुणा ठुलो हो
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वामदेवको बदमाशीले जनकपुरलाई ५०० करोड़को घाटा
मोदी जनताको छोरो आम जनतालाई सम्बोधन गर्न चाहन्छ
मोदीको भ्रमण रद्द गर्नु
फिजीके इंडियन और नेपालके इंडियन